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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 8वें महीने में बचà¥à¤šà¥‡ की पोजीशन
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के 8वें महीने में बचà¥à¤šà¥‡ की पोजीशन और उसे ठीक करने के तरीके
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 8वें महीने में आने के बाद आपको महसूस होने लगेगा कि डिलीवरी का समय पास आ रहा है। बस कà¥à¤› समय बाद आपका बचà¥à¤šà¤¾ आपके पास होगा। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठयह समय बहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है और डॉकà¥à¤Ÿà¤° बचà¥à¤šà¥‡ की सही पोजीशन जांचने के लिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कराने की सलाह दे सकते हैं। यदि आप 8 महीने की गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं तो अपने गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की अलग-अलग पोजीशन व सही पोजीशन के बारे में जानने के लिà¤, इस लेख को पूरा पà¥à¥‡à¤‚।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 8वें महीने में गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की सही पोजिशन कà¥à¤¯à¤¾ होनी चाहिà¤?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 32 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पूरे होने के बाद बचà¥à¤šà¤¾ अकà¥à¤¸à¤° हेड-डाउन पोजीशन में आ जाता है। इसका मतलब है कि बचà¥à¤šà¥‡ का सिर बरà¥à¤¥ कैनाल की तरफ होना चाहिठऔर उसके पैर अपनी माठके रिब केज की तरफ होने चाहिà¤à¥¤
8 महीने की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बचà¥à¤šà¥‡ की कौन-कौन सी पोजीशन हो सकती हैं?
8 महीने की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बचà¥à¤šà¥‡ की निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित पोजीशन हो सकती हैं, आइठजानते हैं;
1. बà¥à¤°à¥€à¤š पोजीशन
जब गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में बचà¥à¤šà¥‡ का सिर ऊपर की तरफ और उसके पैर बरà¥à¤¥ कैनाल की तरफ होते हैं तो यह बचà¥à¤šà¥‡ की बà¥à¤°à¥€à¤š पोजीशन होती है। जनà¥à¤® से पहले लगà¤à¤— 4% बचà¥à¤šà¥‡ बà¥à¤°à¥€à¤š पोजीशन में होते हैं। इस पोजीशन की वजह से बचà¥à¤šà¥‡ का सिर सबसे अंत में निकलता है जिससे बरà¥à¤¥ कैनाल के पैसेज में कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¿à¤•ेशन हो सकते हैं। गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ की यह पोजीशन सही नहीं होती है और इसकी वजह से बाद में बचà¥à¤šà¥‡ को हिपà¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। यदि बचà¥à¤šà¤¾ बà¥à¤°à¥€à¤š पोजीशन में है और नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की गई है तो जनà¥à¤® के दौरान बचà¥à¤šà¤¾ टà¥à¤°à¥‰à¤®à¤¾ में जा सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में यदि वजाइना से डिलीवरी की जा रही है तो बचà¥à¤šà¥‡ को चोट à¤à¥€ लग सकती है। यदि बचà¥à¤šà¥‡ की पोजीशन बà¥à¤°à¥€à¤š है तो सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ से डिलीवरी की जानी चाहिà¤à¥¤
2. टà¥à¤°à¤¾à¤‚सà¥à¤µà¤°à¥à¤¸ (आड़ी) पोजीशन
जनà¥à¤® से पहले सिरà¥à¤« 0.05% बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की टà¥à¤°à¤¾à¤‚सà¥à¤µà¤°à¥à¤¸ पोजीशन होती है। इसमें बचà¥à¤šà¤¾ वरà¥à¤Ÿà¥€à¤•ल यानी खड़ी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में होने के बजाय हॉरिजॉनà¥à¤Ÿà¤² पोजीशन यानी आड़ी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में होता है। इस दौरान बचà¥à¤šà¥‡ का सिर माठके पेट के à¤à¤• तरफ या दूसरी तरफ होता है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के आकार से जà¥à¥œà¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने के कारण बचà¥à¤šà¤¾ आड़ी पोजीशन में आ सकता है।
3. पोसà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤° (पीछे) पोजीशन
यह डिलीवरी की नॉरà¥à¤®à¤² पोजीशन का à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार होती है। इसमें बचà¥à¤šà¥‡ का सिर नीचे की तरफ बरà¥à¤¥ कैनाल की ओर होता है और पैर ऊपर की तरफ होते हैं। हालांकि गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ का मà¥à¤à¤¹ माठकी पीठके बजाय माठके पेट की तरफ होना चाहिà¤à¥¤ इससे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं की पीठमें बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दरà¥à¤¦ होता है और उनकी डिलीवरी की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में काफी समय à¤à¥€ लगता है। इस पोजीशन को ऑकà¥à¤¸à¤¿à¤ªà¥à¤Ÿ-पोसà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤° पोजीशन à¤à¥€ कहा जाता है।
Different positions of the baby in the womb
गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ को हेड डाउन पोजीशन में कैसे लाà¤à¤‚?
सफलतापूरà¥à¤µà¤• और खतरों से मà¥à¤•à¥à¤¤ डिलीवरी के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 8वें महीने में बचà¥à¤šà¤¾ सही पोजीशन में होना चाहिà¤à¥¤ यदि डिलीवरी के दौरान आपका बचà¥à¤šà¤¾ सही पोजीशन में नहीं है तो इससे कई सारी कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥€à¤•ेशनà¥à¤¸ हो सकती हैं। गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की पोजीशन सही करने के लिठकà¥à¤› पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤œà¤° किठजा सकते हैं।
सबसे पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° बचà¥à¤šà¥‡ की पोजीशन को जानने के लिठआपको अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाने की सलाह दे सकते हैं। यदि बचà¥à¤šà¥‡ की पोजीशन बà¥à¤°à¥€à¤š है तो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° डॉकà¥à¤Ÿà¤° मैनà¥à¤¯à¥à¤…ल तकनीक से उसकी पोजीशन को ठीक करते हैं। इसके लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤°à¥à¤¨à¤² सेफैलिक तकनीक करने की सलाह देते हैं। यदि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 36वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक इस तकनीक का उपयोग किया जाता है तो यह फायदेमंद सिदà¥à¤§ होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस समय बचà¥à¤šà¥‡ का आकार छोटा होता है जिसे ठीक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में लाना सरल है। इस तकनीक का उपयोग 42वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक à¤à¥€ किया जा सकता है पर इसमें रिओरिà¤à¤¨à¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ बहà¥à¤¤ कम हो जाती हैं।
शà¥à¤°à¥‚आत में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को आराम देने के लिठउसे टोकॉलिटिक दवा दी जाती है। यह किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल संकà¥à¤šà¤¨ को रोकता है । गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के आरामदायक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में जाने के बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤• हाथ से बचà¥à¤šà¥‡ का सिर और दूसरे हाथ से उसके हिपà¥à¤¸ को पकड़कर धीरे-धीरे उसकी पोजीशन बदलने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं। इसे बचà¥à¤šà¥‡ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤ बिना बहà¥à¤¤ धीरे से किया जाता है। पर यदि गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ सिकà¥à¥œ जाता है तो इससे महिला को बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दरà¥à¤¦ हो सकता है।
यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ इसके बाद वजाइनल डिलीवरी संà¤à¤µ हो सकती है पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° विशेषकर पहली बार हà¥à¤ˆ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को इसकी सलाह नहीं देते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दरà¥à¤¦ होता है। इसके बाद हो सकता है इमरजेंसी में डिलीवरी करने की सलाह दी जाà¤à¥¤ इसमें गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का दरà¥à¤¦ कम करने के लिठउसे à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤°à¤² à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दी जाती है। इसमें कà¥à¤› कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥€à¤•ेशनà¥à¤¸ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ होती हैं इसलिठइसे डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ की पूरà¥à¤£ देखरेख में किया जाता है।
बचà¥à¤šà¥‡ की पोजीशन सही करने के लिठकà¥à¤› उपाय
आप गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ की पोजीशन को ठीक करने के लिठनिमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित कà¥à¤› उपाय कर सकती हैं, आइठजानते हैं;
1. टहलें
गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ की पोजीशन को ठीक करने के लिठटहलना à¤à¥€ à¤à¤• बेहतरीन à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ है। जैसा कि इस समय आपकी डिलीवरी का दिन आने ही वाला है इसलिठआप लगà¤à¤— आधे घंटे के लिठदिन में दो बार टहलें। रिदमिक मूवमेंट और गà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ से आपके शरीर के अंदर गà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ का केंदà¥à¤° अपने आप केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ हो जाà¤à¤—ा। चूंकि बचà¥à¤šà¥‡ का सिर सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¥€ होता है इसलिठउसका सिर जमीन की ओर मà¥à¥œ जाता है।
2. योग करें
यदि आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की अंतिम तिमाही में योग करती हैं तो यह à¤à¥€ बहà¥à¤¤ फायदेमंद सिदà¥à¤§ हो सकता है। विशेषकर यदि आप पहली बार योग कर रही हैं और आपकी डिलीवरी का दिन पास में है तो योग करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ न करें। साथ ही आप बहà¥à¤¤ कठिन à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ बिलकà¥à¤² à¤à¥€ न करें – इस समय पर आपको किसी की निगरानी में रहकर हलà¥à¤•े व सरल योगासन करने चाहिà¤à¥¤
3. सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग करें
यदि आप सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग करती हैं तो इससे बचà¥à¤šà¥‡ पर कोई पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं पड़ेगा और यह करना आपके लिठà¤à¥€ सरल होगा। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• में तैरने से पानी का उछाल बचà¥à¤šà¥‡ की पोजीशन को सरलता से बदलने में मदद करता है और इससे डिलीवरी में à¤à¥€ मदद मिलती है।
डिलीवरी का दिन पास आने तक बचà¥à¤šà¥‡ की पोजीशन सही होना बहà¥à¤¤ जरूरी है। लगातार जांच के लिठजाने और आवशà¥à¤¯à¤• सावधानियां बरतने से आपके बचà¥à¤šà¥‡ की पोजीशन सही रहती है और डिलीवरी बिना किसी खतरे के होती है।
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